स्ट्रॉबेरीज की खेती ज़्यादातर ठंडी जगहों पर की जाती है. लेकिन महाराष्ट्र के पनवेल तालुका में रहने वाले चाचा भतीजे की जोड़ी ने अपने गांव में स्ट्रॉबेरी की खेती कर के इतिहास रच दिया. सज्जन पवार और उनके भतीजे प्रशांत पवार अपने गांव में आयोजित एक किसान मेले में गए थे जहां वो स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले एक किसान से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने पनवेल में ये खेती करने की सोची. उन्होंने 15,000 रुपये की लागत के साथ एक्सपेरिमेंट के तौर पर स्ट्रॉबेरी की खेती करना शुरू किया और नवम्बर में लगभग 1000 पौंध लगायी. आज ये 300 रूपए किलो स्ट्रॉबेरी बेच कर अब तक 45000 का मुनाफा कमा चुके हैं.