Twitter और सरकार की तनातनी के बीच मेड इन इंडिया Koo ऐप को अच्छा फायदा होता दिख रहा है. कू ऐप (Koo app) के डाउनलोड्स लगातार बढ़ रहे हैं. गूगल प्ले स्टोर पर 5 मिलियन से ज्यादा बार यह ऐप डाउनलोड हो चुका है. इन्वेस्टर्स कू को उम्मीदों से भरा वेंचर मान रहे हैं तभी तो मेड इन इंडिया कू को अपने इन्वेस्टर्स से 3 करोड़ डॉलर यानी करीब 220 करोड़ का फंड मिला है.
इस तरह Koo की मार्केट वैल्यू 5 टाइम्स बढ़ कर 100 करोड़ डॉलर हो गयी है. Koo के को-फाउंडर अप्रमेय राधाकृष्णन के मुताबिक उनके इस सोशल प्लैटफार्म में दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म बनने की क्षमता है.