Tokyo Olympics: कुश्ती में चमकाया रवि दहिया ने देश का नाम... जानिए कैसे हासिल किया ये मुकाम

Updated : Aug 04, 2021 23:05
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Editorji News Desk

टोक्यो ओलंपिक में 57 किलोग्राम फ़्री स्टाइल कुश्ती के फाइनल में सिल्वर मेडल जीतकर रवि दहिया ने देश का नाम रोशन कर दिया है. रवि दहिया कुश्ती में सिल्वर मेडल जीतने वाले देश के दूसरे पहलवान बन गए हैं. हरियाणा के सोनीपत में एक छोटे से गांव के रहने वाले रवि दहिया के लिए टोक्यो ओलंपिक तक का सफर आसान नहीं था. गरीबी और तंगहाली के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को संजोए रखा, जिसमें उनके किसान पिता ने पूरा साथ दिया. आइए जानें कैसा रहा रवि दहिया का हरियाणा से हिंदुस्तान का चेहरा बनने तक का सफर.

रवि दहिया का हरियाणा से ओलंपिक तक का सफर

  • रवि दहिया का जन्म हरियाणा में सोनीपत जिले के नाहरी गांव में साल 1997 में हुआ
  • साल 2015 में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में शुरू किया अभ्यास
  • रवि 1982 के एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले गुरु सतपाल से ट्रेनिंग ली
  • 2015 में वर्ल्ड जूनियर रेसिलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर जीता
  • रवि ने साल 2019 में नूर सुल्तान में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता
  • एशियन चैंपियनशिप में 2 गोल्ड मेडल भी रवि दहिया के नाम
  • अपने गांव के तीसरे ओलिंपियन हैं रवि दहिया
  • इससे पहले महावीर सिंह और अमित दहिया भी ओलंपिक में जा चुके हैं

रवि की कामयाबी में पिता की बड़ी भूमिका

  • रवि दहिया को पहलवान बनाने में उनके पिता का बहुत बड़ा हाथ
  • रवि के पिता किराए के खेतों पर किसानी का काम करते थे
  • आर्थिक तंगी के बावजूद बेटे की ट्रेनिंग में कोई कसर नहीं छोड़ी
  • रोज गांव से छत्रसाल स्टेडियम तक रवि तक दूध और फल पहुंचाते थे
OlympicRavi Dahiyawrestler

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