Eucalyptus यानी नीलगिरी के पौधे खास तौर से ऑस्ट्रेलिया, तस्मानिया और भारत के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं. इसकी पत्तियों में कुदरती केमिकल्स होते हैं जो कई बीमारियों को ठीक करने में अहम रोल निभाते हैं.
अगर आपको सांस से जुड़ी कोई तकलीफ है तो आपके लिए नीलगिरी के पत्ते और उसका तेल किसी रामबाण से कम नहीं. आइये नीलगिरी तेल और पत्तों के फायदे के बारे में जानते हैं-
1. नीलगिरी के पत्तों और तेल में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो सांस की नली से बैक्टीरिया को नष्ट करने में मददगार हैं. यूकेलिप्टस की चाय पीने के लिए आप इसकी पत्तियों का इस्तेमाल करें.
2. अगर आपके गले में कफ या भारीपन महसूस हो रहा हो तो आप इसके गरारे भी कर सकते हैं
3. यूकेलिप्टस से गरारे करने से आप बंद नाक, कफ और बलगम से छुटकारा पा सकते हैं. इसके लिए आप गुनगुने पानी के साथ इसकी पत्तियों को डाल लें और गरारे करें.
4. नीलगिरी में मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण माउथवॉश और दांतों को स्वस्थ रखने में मददगार होता है. इसके साथ ही नीलगिरी दांतों में मौजूद उन बैक्टीरिया से भी लड़ता है जो दांतों की सड़न और पीरियडोंटाइटिस का कारण बनते हैं.
5. स्किन पर होने वाले कई संक्रमण के इलाज के लिए यूकेलिप्टस को फायदेमंद और असरदार माना जाता है. ये आपके घाव या चोट पर भी काम करता है और उसे ठीक करने में मदद करता है.
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