पश्चिमी यूरोप (Europe) में आई भीषण बाढ़ (Flood) ने तबाही मचा रखी है और इसके कारण जान-माल का नुकसान बढ़ता जा रहा है. बाढ़ के कारण अब तक कम से कम 150 लोगों की मौत (Death) हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग लापता (Missing) हैं. बाढ़ का सबसे ज्यादा असर जर्मनी पर पड़ा है. यहां मूसलाधार बारिश (Heavy rain) की वजह से कई गांव और शहर तबाह हो गए हैं. इतना ही नहीं कई इलाकों में मकान, दुकान मलबे में तब्दील हो गए हैं. संचार सेवाओं को भी खासा नुकसान पहुंचा है. आलम ये है कि जर्मनी में करीब एक लाख घरों की बिजली गुल है.
उधर, राहत बचाव कार्य जारी है, फंसे हुए लोगों की मदद के लिए 15 हजार पुलिसकर्मी, हेलीकॉप्टर और सैकड़ों सैनिकों को तैनात किया गया है. जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने बाढ़ को "आपदा" बताते हुए, पीड़ित परिवारों के प्रति दुख व्यक्त किया है. वहीं बाढ़ की वजह से बेल्जियम और नीदरलैंड्स का भी बुरा हाल है.बेल्जियम के शहरों को खाली कराया जा रहा है क्योंकि मीयूज नदी के ओवरफ्लो होने का खतरा है.