सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) के खिलाफ बेहद तल्ख टिप्पणी की है. सर्वोच्च अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि प्राधिकरण के चेहरे ही नहीं, उसके मुंह, नाक, आंख सभी से भ्रष्टाचार टपकता है.
सुप्रीम अदालत ने ये टिप्पणी सुपरटेक (Supertech) के नोएडा एक्सप्रेस स्थित एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट मामले में अथॉरिटी के अपने अधिकारियों के बचाव करने और फ्लैट खरीदारों की खामियां बताने पर की.
बुधवार को इस मामले की सुनवाई जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने की. इस दौरान अथॉरिटी अपने अधिकारियों का बचाव करते हुए कहा, इस प्रोजेक्ट में किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है. इसके साथ अथॉरिटी ने खरीदारों की कमियां भी गिनाई.
दूसरी तरफ सुपरटेक के वकील ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने जिन दो टावरों को गिराने का आदेश दिया है, उनमें नियमों की अनदेखी नहीं की गई है.
उन्होंने खरीदारों की नीयत पर भी सवाल उठाए. इस पर जस्टिस शाह ने कहा, अथॉरिटी को तटस्थ रुख अपनाना चाहिए. ऐसा लग रहा है कि आप बिल्डर हैं. आप उनकी भाषा बोल रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि आप फ्लैट खरीदारों से लड़ाई लड़ रहे हैं.