प्रवासी मजदूरों पर 'सुप्रीम' आदेश, कहा- नेशनल डेटाबेस तैयार करें, कोई भी भूखा न सोए

Updated : May 24, 2021 15:08
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Editorji News Desk

कोरोना संकट का सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों(Migrant Labour) पर पड़ा है...अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) उन्हें राहत देने के लिए अहम निर्देश दिए हैं. देश की सबसे बड़ी अदालत ने सभी राज्य सरकारों को कहा है कि वो समुदायिक रसोईयां बनाएं और सुनिश्चित करें कि कोई भी भूखा न सोए. इसके अलावा केन्द्र सरकार से सर्वोच्च अदालत एक नेशनल डेटाबेस बनाने और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का रजिस्ट्रेशन करने को कहा है. अदालत ने कहा है कि पहचान पत्र न होने की स्थिति में किसी भी मजदूर को राशन न होने से वंचित न किया जाए.
सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कोरोना से मरने वाले लोगों को 4 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर जवाब भी मांगा है. साथ ही राज्यों को निर्देश दिए हैं कि मरने वाले लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र में सही कारण लिखा जाए इसे भी सुनिश्चित करें. इस मामले में अब अगली सुनवाई 11 जून को होगी.

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