व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है. इस मसले पर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए WhatsApp और Facebook से कहा है कि वह यह लिखकर दे कि यूजर्स का डेटा किसी तीसरी पार्टी के साथ साझा नहीं किया जाएगा. कोर्ट ने कहा कि मेसेजिंग ऐप की नई नीति के मद्देनजर लोगों की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए उसे हस्तक्षेप करना ही होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को फटकार लगाते हुए कहा कि आप भले 2 या 3 ट्रिलियन की कंपनी होंगे, लेकिन लोग अपनी निजता की कीमत इससे ज़्यादा मानते हैं और उन्हें ऐसा मानने का हक है. कोर्ट ने इस केस में फेसबुक, केंद्र सरकार और व्हाट्सऐप को नोटिस जारी कर इस बात पर सफाई मांगी है कि क्या वो यूजर्स का डाटा शेयर करते हैं, और अगर करते हैं तो कैसे डाटा शेयर किया जाता है?
दरअसल एक जनहित याचिका में कहा गया है कि इन ऐप्स के जरिए लोगों का डेटा लीक किया जा रहा है. यही नहीं ये आरोप भी है कि WhatsApp और Facebook यूरोप के लिए अलग मापदंड रखते हैं और भारत के लिए अलग, जो कि सरासर गलत है. इस मामले पर अगली सुनवाई अब 4 हफ्ते बाद होगी.