100 अरब डॉलर से अधिक के टाटा समूह को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) )से बड़ी राहत मिली है. देश की सबसे बड़ी अदालत ने साइरस मिस्त्री (Cyrus Mistry) को टाटा समूह (Tata Group) के कार्यकारी चेयरमैन के पद से हटाने को सही ठहराया है. इसके साथ ही कोर्ट ने मिस्त्री को टाटा समूह के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में बहाल करने के NCLAT के फैसले को भी रद्द कर दिया है. दरअसल मिस्त्री परिवार और टाटा संस में दिसंबर 2016 से कानूनी लड़ाई चल रही है. ये लड़ाई तब शुरू हुई जब रतन टाटा ने अक्टूबर 2016 में साइरस मिस्त्री को टाटा संस के कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटा दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा कि टाटा संस में साइरस मिस्त्री के परिवार से जुड़े शापूरजी पालोनजी ग्रुप के शेयरों का वैल्यूएशन टाटा संस के अनलिस्टेड शेयरों के आधार पर तय होगा. कोर्ट फिलहाल यह तय नहीं कर सकता कि मिस्त्री को क्या मुआवजा मिलना चाहिए. यह दोनों पक्ष आपस में बैठकर तय कर सकते है.