Shivsena & BJP: क्या महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना और बीजेपी में कोई सियासी खिचड़ी पक रही है? क्या दोनों भीतरखाने हाथ मिलाने पर चर्चा कर रहे हैं? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि गुरुवार को ही शिवसेना अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री राव साहब दानवे को भावी साथी कह दिया. उद्धव ने औरंगबाद की सभा में भाजपा नेता दानवे और भागवत कराड की मौजूदगी में कहा - 'मंच पर उपस्थित मेरे पूर्व और अगर साथ आए तो भविष्य के सहकर्मियों का मैं स्वागत करता हूं.'
इससे दो दिन पहले ही महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने एक दौरे में अपने कार्यकर्ता को उन्हें पूर्व मंत्री कह कर संबोधित करने से मना किया था और कहा था, देखो आगे दो तीन दिन में क्या होता है.
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जाहिर है कि इन बातों को लेकर कयास तो लगेंगे ही, कि कहीं अंदरखाने पुराने साथी भाजपा और शिव सेना में कोई खिचड़ी तो नहीं पक रही. वैसे उद्धव के बयान को भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री राव साहब दानवे ने भी हवा देते हुए कहा है कि - शिवसेना और बीजेपी हमेशा से समविचारी पार्टियां रही हैं, राजनीति में कुछ भी हो सकता है.
हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस बोले- बीजेपी एक सक्षम विपक्ष का काम कर रही है. वैसे भी जो गठबंधन महाराष्ट्र में हुआ है वह अनैसर्गिक है और ऐसे गठबंधन ज्यादा दिन नहीं चलते. शायद मुख्यमंत्री को यह बात ध्यान में आ गई होगी, इसलिए उन्होंने अपने मन की बात कही हो.