कोरोना महामारी (Coronavirus) के बीच हुए महाकुंभ के शाही स्नान ने एक्सपर्ट और वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है. 12 से 14 अप्रैल के बीच हरिद्वार में स्नान करने के लिए 49 लाख 31 हजार से ज्यादा साधु-संत और आमजन पहुंचे. इसके बाद जिले में कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या में तेजी से इजाफा भी हुआ है.
वैज्ञानिकों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि गंगा के बहाव के साथ कोरोनावायरस भी आगे फैल सकता है. इसी को लेकर 12 सदस्यीय वैज्ञानिकों की एक टीम कोरोना वायरस के जमा और बहते हुए पानी में सक्रियता पर रिसर्च कर रही है.
इस टीम में शामिल डॉ. शुक्ला का कहना है कि वायरस सूखे हुए या मेटल सरफेस के मुकाबले पानी में ज्यादा देर तक सक्रिय रहता है. साथ ही पानी में म्यूटेट भी हो सकता है और अगर ऐसा हुआ तो कोविड का ये नया स्ट्रेन बेहद घातक होगा.
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