किसान आंदोलन को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी के 35 छात्रों के खुले पत्र पर खुद सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है. कोर्ट ने इसे जनहित याचिका के तौर पर स्वीकार कर लिया है. अब देश की सबसे बड़ी अदालत कृषि कानूनों को लेकर लंबित दूसरे मामलों के साथ इसकी भी सुनवाई करेगा. दरअसल ह्यूमन राइट्स फॉर पंजाब नामक एनजीओ के माध्यम से भेजे गए इस खुले पत्र में हरियाणा सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया गया है. पत्र में कहा गया है कि हरियाणा पुलिस ने किसानों के खिलाफ वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया . छात्रों ने हरियाणा पुलिस द्वारा किसानों पर बल प्रयोग के इस्तेमाल की जांच की मांग की है. उन्होंने किसानों के खिलाफ सभी मुकदमों को वापस लेने के लिए हरियाणा और दिल्ली पुलिस को निर्देश जारी करने की भी गुहार लगाई गई है.