वैसे तो पूरे सावन के महीने को ही भगवान शिव का महीना माना जाता है, लेकिन सोमवार का दिन खासतौर पर महादेव की आराधना के लिए माना गया है, ऐसे में सावन के महीने में सोमवार का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है. जो लोग पूरे सावन के दौरान महादेव का व्रत नहीं रख पाते, वो सावन के सोमवार का व्रत रखकर उनकी आराधना करते हैं. कुछ शिवभक्त महीने में पड़ने वाले सभी सोमवार का व्रत रखते हैं तो वहीं कुछ लोग महीने का पहला और आखिरी सोमवार का व्रत रखकर शिव की अराधना करते हैं. ज्योतिष में सावन के हर सोमवार का खास महत्व बताया गया है. हिंदू पंचाग के मुताबिक, सावन का पहला सोमवार हर दृष्टि से श्रद्धालुओं के लिए विशेष फल प्राप्ति वाला होता है.
मान्यताओं के अनुसार, पहले सोमवार पर भगवान शिव की पूजा-आराधना करने से श्रद्धालुओं को बाधा से मुक्ति मिलती है और योजनाओं को पूरा करने में सफलता प्राप्त होती है. वहीं दूसरे सोमवार को भगवान शंकर की पूजा करने से बेहतर स्वास्थ्य और बल का आशीर्वाद प्राप्त होता है. तीसरे सोमवार के दिन जातक मंत्र सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं.
सावन का चौथा और अंतिम सोमवार श्रद्धालुओं के आर्थिक कष्टों का निवारण करने वाला है. चौथे सोमवार को भगवान शंकर की आराधना करने से कार्यक्षेत्र और जीवन के दूसरे क्षेत्रों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. ऐसी मान्यता है कि धन और संतान की इच्छा रखने वाले लोगों को चौथे सोमवार को शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए
सावन के सोमवार कभी 4 और कभी 5 होते हैं, लेकिन इस बार महीने में कुल 4 सोमवार ही हैं. पहला सोमवार 26 जुलाई जबकि आखिरी सोमवार 16 अगस्त को पड़ रहा है.