भारत के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने स्वदेशी ड्रोन 'रुस्तम-2' को और घातक बना दिया है. 'रुस्तम-2' अप्रैल से 27,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने लगेगा. शुक्रवार को इसके प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण किया गया. 'रुस्तम-2' को तापस-बीएच (यानि टैक्टिकल एयरबोर्न प्लेटफॉर्म फॉर एरियल सर्विलांस बियोंड होराइजन 201) भी कहते हैं और इसने पिछले साल अक्टूबर में सफलतापूर्वक 16 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरी थी. DRDO ने इस ड्रोन को सटीक निशाना बनाने और दुश्मन के ठिकानों को भेदने के लिए बनाया है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि चीन और पाकिस्तान से जारी तनाव के बीच 'रुस्तम-2' का ये अपग्रेड वर्जन काफी फायदेमंद रहेगा.