चीन को लेकर केंद्र की नीति को कठघरे में लेते रहे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर अपनी नाराज़गी जताई है. राहुल ने बुधवार को संसदीय रक्षा कमेटी से वॉकआउट कर दिया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कमेटी के सामने राहुल ने डोकलाम समेत बॉर्डर के दूसरे मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की थी. लेकिन उनकी मांग को खारिज कर दिया गया, जिसके बाद राहुल गांधी दूसरे कांग्रेस सदस्यों के साथ कमेटी की बैठक के बाहर आ गए.
दरअसल इससे पहले भी पिछले साल दिसंबर में भी राहुल गांधी ने रक्षा कमेटी की बैठक का वॉकआउट किया था, उस वक्त चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत कमेटी के साथ रक्षा यूनिफॉर्म को लेकर जानकारी साझा कर रहे थे कि राहुल ने बीच में ही लद्दाख को लेकर सवाल पूछे और इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की लेकिन कमेटी के अध्यक्ष जुआल ओराम ने राहुल को बीच में बोलने से टोका तो वो बैठक से बाहर चले गए. बाद में उन्होंने स्पीकर को चिट्ठी लिखकर शिकायत की उन्हें बोलने नहीं दिया गया जो कि गैर लोकतांत्रिक है.
इससे पहले बुधवार सुबह ही राहुल गांधी ने एक न्यूजपेपर कटिंग को साझा करते हुए ट्वीट किया था कि मोदी सरकार ने विदेश और रक्षा नीति देशीय राजनीतिक हथकंडा बनाकर देश को कमजोर कर दिया है.