दुनियाभर में कहर बरपाने वाले कोरोना वायरस (Corona virus) की उत्पत्ति को लेकर एक बार फिर चीन (China) का नाम सामने आ रहा है. अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी की ओर से जारी की गई रिपोर्ट (report) में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस चीन के रिसर्च लैब से लीक हुआ था, और इसके पर्याप्त सबूत हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि वुहान के इंस्टिट्यूट ऑफ वायरॉलजी (Wuhan lab) के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस को इस तरह से मॉडिफाई किया था कि वह इंसानों को संक्रमित कर सके. यह भी आरोप लगाया गया है कि इस बदलाव को छिपाने की कोशिश की गई, और इसमें अमेरिकी एक्सपर्ट्स भी शामिल थे. इसे चीन के साथ अमेरिका की सरकार से भी फंड मिला था.
सदन में टॉप रिपब्लिकन नेता माइक मैककॉल ने पैनल की रिपोर्ट पेश करते हुए कोरोना की उत्पत्ति की जांच की मांग की. रिपोर्ट के मुताबिक लैब में 12 सितंबर, 2019 के पहले ही वायरस लीक होने के सबूत हैं, ऐसे में
वायरस के वुहान मार्केट से फैलने की थ्योरी को अब हटा देने का वक्त आ गया है.