पाकिस्तान (Pakistan) के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान (Gilgit Baltistan) को भले ही इमरान सरकार एक प्रदेश के रूप में शामिल करने के लिए कानूनी मसौदे को अंतिम रूप दे रही हो, लेकिन वहां के प्रशासन से स्थानीय निवासी कितने खफा हैं, इसका अंदाजा वहां हो रहे विरोध प्रदर्शनों से ही मिल जाता है. मंगलवार को स्थानीय निवासियों ने वहां एक हाईवे पर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की. लोगों की शिकायत है इस क्षेत्र में लोगों को पीने का साफ पानी तक मयस्सर नहीं हो रहा. वहीं इस प्रदर्शन में स्कूली छात्राएं भी शामिल हुई.इन छात्राओं की शिकायत है कि फीस देने के बावजूद स्कूलों में टीचर्स तक पढ़ाने को नहीं आते हैं.
हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस क्षेत्र में पाकिस्तान अब चीन के दबाव में फैसले ले रहा है और इसी के मद्देनज़र इमरान सरकार ने गिलगित बाल्टिस्तान से जुड़े एक संविधान संशोधन को अंतिम रूप दे दिया है. माना जा रहा है कि इस क्षेत्र की अस्पष्ट स्थिति चीन के प्रोजेक्ट्स को धक्का पहुंचा सकती है और वो पाकिस्तान पर लगातार दबाव बना रहा है, लेकिन इतने पर भी इस इलाके में जीने की साधाराण सुविधाएं तक लोगों को मुहैया नहीं हैं.
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