टोक्यो में चल रहे ओलंपिक्स (Tokyo Olympics) में पुरूष हॉकी के सेमीफाइनल मैच को भारत में लाखों लोगों ने देखा, खिलाड़ियों की हौसला अफज़ाई के लिए सुबह- सुबह लोग अपने टीवी सेट और मोबाइल पर टकटकी लगाए दिखे. प्रधानमंत्री मोदी ने भी ये मैच देखा और ये जानकारी उन्होंने खुद ट्वीट कर शेयर भी की. भारतीय टीम भले ही बेल्जियम के हाथों हार गई, लेकिन खेल भावना को सर्वोपरि मानते हुए प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि जीत और हार ज़िंदगी का हिस्सा हैं. हमारे खिलाड़ियों ने सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया. मैं टीम को अगले मुकाबले के लिए शुभकामनाएं देता हूं, भारत को अपने खिलाड़ियों पर गर्व है.
लेकिन सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों के परिवारों ने भी मैच के दौरान टीम का हौसला बढ़ाया, भारतीय टीम में डिफेंडर की भूमिका निभाने वाले वरुण और दूसरे खिला़ड़ी गुरजंत के परिवार वालों ने भी मैच देखकर टीम का हौसला बढ़ाया. जम्मू में सीआरपीएफ जवानो ने भी भारत और बेल्जियम के इस अहम सेमीफाइन के हर क्षण के रोमांच का मज़ा लिया और भारत माता की जय के नारे भी लगाए. 49 साल बाद भारतीय हॉकी टीम ने सेमीफाइनल में पहुंचने का कारनामा कर दिखाया था , टीम के साथ करोड़ों लोगों की उम्मीदें और आंकाक्षाएं तो साथ थी ही, लेकिन साथ ही था हार या जीत से परे अपने खिलाड़ियों के साथ खड़े होना का जज्बा और पूरा देश इस मौके पर अपने खिलाड़ियों के साथ खड़ा दिखाई दिया.