कोरोना (Corona) के जोखिम और गंभीर लक्षण वाले मरीजों का इलाज करने के लिए प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy) का इस्तेमाल किया जा रहा है. कोरोना के इलाज में ये काफी असरदार साबित हो रही है.
दरअसल, खून में रेड बल्ड सेल्स, व्हाइट बल्ड सेल्स के अलावा पीले रंग का लिक्विड होता है जो प्लाज़्मा कहलाता है. हमारे खून में करीब 55 प्रतिशत प्लाज्मा मौजूद होता है. इस थेरेपी में कोरोना से ठीक हो चुके व्यक्ति के शरीर से प्लाज्मा निकालकर संक्रमित व्यक्ति की बॉडी में इंजेक्शन की मदद से इंजेक्ट किया जाता है.
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पहली बार कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के तीन या चार हफ्ते बाद शख्स प्लाज्मा डोनेट कर सकता है. माना जाता है कि उस वक्त तक उसकी एंटी बॉडीज खून में पर्याप्त रूप से बन चुकी होती है.
प्लाज्मा डोनेट कौन कर सकता है और कौन नहीं? इसे लेकर केंद्र सरकार ने लिस्ट जारी की है. आइए जानते हैं प्लाज्मा के बारे में जरूरी बातें-
1. जो लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं और जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है. वो 14 से 21 दिन बाद प्लाज़्मा डोनेट कर सकते हैं.
2. अगर आपकी उम्र 18 साल है और पूरी तरह से स्वस्थ हैं वो भी प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं.
3. 60 साल तक के स्वस्थ व्यक्ति प्लाज्मा दे सकते हैं.
4. अगर आपका वजन 50 किलो या उससे ज्यादा है और शारिरिक रूप से स्वस्थ हैं तो आप प्लाज़्मा डोनेट कर सकते हैं.
1. अगर आप प्रेगनेंट हैं या पहले प्रेगनेंट रह चुकी हैं तो आप प्लाज़्मा डोनेट नहीं कर सकती.
2. डायबिटीज, कैंसर, हाइपरटेंशन, किडनी, लिवर के मरीज प्लाज्मा डोनेट नहीं कर सकते.
3. अगर कोई शख्स मेडिकल की दवा इस्तेमाल कर रहा हो या अस्पताल में इलाज करा रहा हो वो भी डोनेट नहीं कर सकता.
4. बीमारी वाले शख्स भी अपना प्लाज्मा डोनेट नहीं कर सकते
अगर आप प्लाज्मा डोनेट करने के लायक है तो ध्यान रखें कि प्लाज्मा डोनेट करने के लिए कोरोना रिपोर्ट निगेटिव होनी चाहिए. उसकी हार्ड कॉपी और आधार कार्ड की कॉपी साथ रखना जरूरी है.
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