सरकार और किसानों के बीच बातचीत का हल ना निकलता देख सुप्रीम कोर्ट ने चार सदस्यीय कमेटी बना दी है. इसमें शामिल शेतकरी संगठन के अध्यक्ष अनिल घनवट ने कहा आखिर आंदोलन कहीं तो रुकना चाहिए. किसान नेता ने कहा कि पहले किसानों का कहना सुनना पड़ेगा, अगर उनकी कोई गलतफहमी है तो वो दूर करेंगे. किसानों को भरोसा दिलाना पड़ेगा कि MSP और APMC कायम रहेगा. जो कुछ भी होगा वो पूरे देश के किसानों के हित में होगा. वहीं, कमेटी पर ही उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि हमारा संगठन पिछले 40 साल से लड़ रहा है और मैंने तीनों कानूनों का समर्थन नहीं किया है. घनवट बोले कि कमेटी सबकी राय लेगी. कोर्ट जो निर्देश देगा उसी के दायरे में रहकर जमीनी हकीकत जानी जाएगी यहां निजी कुछ नहीं है. फिर सरकार तय करेगी कि आगे क्या करना है.