कोरोना महामारी के इस दौर में इंटरनेट पर हर रोज कई सारे सुझाव और नुस्खों के बारे में पढ़ने को मिल रहा है. जिनमें से कुछ तो कारगर हैं पर इनमें से ज्यादतर का तथ्यों से सरोकार नहीं है
ऐसा ही एक वायरल नुस्खा जिसमें दावा किया गया है कि चाय पीने से कोरोनावायरस मर जाता है. सरकार ने अपने ट्विटर पेज @MyGov के जरिये इन जैसे गलत और भ्रामक नुस्खों को खारिज किया है. साथ ही उन्होंने लोगों को चेताया कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान ना दें और इस तरह की भ्रामक और गुमराह करने वाली खबरों को शेयर करने से बचें
आइये अब आपको बताते हैं कुछ और गलत और भ्रामक दावों के बारे में जिन्हें सरकार गलत बताया है.
सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक दावा है गर्म पानी पीने और गर्म पानी से नहाने से कोरोना वायरस के मरने का. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, क्योंकि एक लैब सेटिंग में नोवल कोरोनावायरस को मारने के लिए 60-75 डिग्री तापमान की जरूरत होती है.
ऐसे ही अदरक, काली मिर्च और शहद से कोरोना से बचाव का कोई प्रमाणिक सबूत नहीं है.
इसी तरह ये भी बिल्कुल गलत है कि नेबुलाइजर से आपका ऑक्सीजन लेवल बढ़ जाएगा.
सरकार ने ये भी साफ कर दिया है कि पीरियड्स के दौरान या शुरू होने से 5 दिन पहले और बाद भी महिलाएं वैक्सीन ले सकती हैं.
मिथकों को खत्म करने की इस कड़ी में एक और दावे से पर्दा उठाया गया जिसमें कहा गया है कि वैक्सीन लेने के बाद आपको एहतियात बरतने की जरूरत नहीं है. भारत में कोरोना संक्रमण अभी भी बेहद तेजी से फैल रहा है. इसीलिए चाहे आपने कोरोना की वैक्सीन ले भी ली हो फिर भी मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे Covid appropriate behaviour को ज़रूर फॉलो करें.
सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस को लेकर झूठी और भ्रामक बातें जंगल की आग की तरह फैलती है. इसीलिए इंटरनेट पर शेयर किए गए दावों और अफवाहों को बिना सोचे समझे ना शेयर करें.