Tokyo Olympics में भारत की मेन्स हॉकी टीम ने जर्मनी के खिलाफ ब्रॉन्ज मेडल जीतकर 41 साल बाद एक नया इतिहास रच दिया. हॉकी टीम की इस जीत के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) एक बार फिर सुर्खियों में हैं. लोग इस जीत को भारतीय हॉकी के सुनहरे दौर की वापसी बता रहे हैं और इसके लिए ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक के सिर जीत का सेहरा बांध रहे हैं. आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? आइए जानते हैं.
ओडिशा सरकार साल 2018 से भारतीय हॉकी टीम को स्पॉन्सर कर रही है
जूनियर, सीनियर, पुरुष और महिला सभी नेशनल हॉकी टीमों का खर्च ओडिशा सरकार उठा रही है. ओडिशा सरकार ने ऐसे वक्त में हॉकी टीम को स्पॉन्सर किया जब उनके पास कोई स्पॉन्सर नहीं था. 2018 में सहारा इंडिया परिवार के हाथ पीछे खींचने बाद ओडिशा सरकार हॉकी टीम का सहारा बनी. ओडिशा देश का पहला ऐसा राज्य बना जो किसी नेशनल टीम को स्पॉन्सर करने के लिए आगे आया. ओडिशा सरकार वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग, रिहैब फैसिलिटी, प्रैक्टिस पिच और टूर्नामेंट्स के जरिए भी हॉकी को नया जीवन दे रही है. ओडिशा सरकार और नवीन पटनायक के इसी सपोर्ट की वजह से आज लोग उन्हें हॉकी टीम की जीत का श्रेय दे रहे हैं. ट्विटर पर एक यूजर ने नवीन पटनायक को टैग करते हुए लिखा, हॉकी इंडिया को स्पॉन्सर करने के लिए थैंक यू सर और ओडिशा सरकार. ये मेडल नवीन पटनायक के लायक है. वहीं एक दूसरे यूजर लिखते हैं- चक दे इंडिया और हॉकी को जिंदा रखने के लिए ओडिशा सरकार का धन्यवाद. थैंक यू सर नवीन पटनायक.
वहीं, खुद नवीन पटनायक ने हॉकी टीम की जीत पर कहा कि- ये पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है और ये जीत कईयों को प्रेरित करेगी.