NATIONAL MANGO DAY 2021: खुशबू और स्वाद से भरपूर आम एक ऐसा फल है जो लगभग हर किसी का फेवरेट है. आम को फल की तरह खाने का तो मज़ा है ही लेकिन मैंगो मिल्कशेक, मैंगो सलाद, मैंगो कुल्फी से लेकर आम की चटनी और आचार तक इसकी हर डिश का एक अलग स्वाद और मज़ा है.
भारत में आम की खेती लगभग 5000 साल पहले शुरू की गई और आज भारत इसके सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है. हमारे देश से विदेशों में भी आम की कई वेरायटीज एक्सपोर्ट की जाती हैं.
आम के प्रति अपने प्यार को सेलिब्रेट करने के लिए हर साल 22 जुलाई को मैंगो डे मनाया जाता है. तो चलिए इस मौके पर आपको बताते हैं आम की कुछ ख़ास वैराइटीज़ के बारे में.
केसर
इस आम का नाम केसर इसलिए पड़ा क्योंकि इसमें केसर जैसी खुशबू आती है. केसर या गिर केसर के नाम से जाना जाने वाला ये आम अपने स्वाद के लिए काफी पॉपुलर है. ये सबसे ज़्यादा गुजरात में उगाया जाता है. पहली बार केसर आम की खेती जूनागढ़ के नवाब ने की थी. ये आम अपने जूस और ऑरेंज पल्प के लिए जाना जाता है.
चौसा
सबसे लोकप्रिय आम की क़िस्मो में से एक चौसा आम हरे और पीले रंग का होता है. कहते हैं कि 16वीं सदी में शेरशाह सूरी ने इस आम से लोगों का परिचय करवाया था. चौसा आम के नाम पर बिहार में एक कस्बे का नाम भी है.
लंगड़ा
लंगड़ा आम यूपी के वाराणसी में सबसे ज्यादा उगाया जाता है. इस आम की खुशबू ही इसकी पहचान है. इसके अलावा लंगड़ा आम की एक और खासियत है और वो ये कि पकने के बाद भी इसका छिलका हरापन लिए हुए होता है.
बंगनपल्ली आम
सफेदा, बेनीशान या बंगनपल्ली आम, आप इसे किसी भी नाम से बुला सकते हैं. ये पीले रंग का आम स्वाद में लाजवाब होता है. इस आम की सबसे ज़्यादा पैदावार आंध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले में होती है.
ये लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस फल की लगभग 1500 वैरायटीज भारत में उगाईं जाती हैं. लेकिन वैरायटी चाहे जो भी इस मैंगो डे रसीले और मीठे आम का स्वाद चखना बिल्कुल मत भूलियेगा.