नरगिस (Nargis), भारतीय सिनेमा का ये वो नाम है जिसने हिंदी सिनेमा के पर्दे पर महिला किरदारों को नया आयाम दिया. उनकी अदाकारी, रोल में खुद को पिरो लेने की कला, मामूली कैरेक्टर में भी जान फूंक देना... ये वो बाते हैं जो उन्हें लेजेंड बनाती हैं. नरगिस ने अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्में दी हैं जो बॉलीवुड में मील का पत्थर साबित हुईं.
उनकी जिंदगी के कुछ और भी दिलचस्प पहलू हैं जिन्हें लेकर नरगिस (Nargis) सुर्खियों में रहीं. एक तो राज कपूर (Raj Kapoor) के साथ उनके रिश्ते के किस्से तो दूसरा दिलचस्प वाकया है जूनियर सुनील दत्त से शादी.
नरगिस एक बेहतरीन एक्ट्रेस
नरगिस दत्त (Nargis Dutt) का असली नाम फातिमा राशिद (Fatima Rashid) था. नरगिस ने महज़ पांच साल की उम्र में बाल कलाकार के तौर पर फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था. उन्होंने अपने शानदार अभिनय के दम पर लोगों के दिलों में जगह बनाई. उनके दमदार अभिनय की बानगी है 1957 में रिलीज हुई उनकी फिल्म 'मदर इंडिया' (Mother India) जो ऑस्कर्स में भी गई और दुनियाभर में शोहरत बटोरी. मदर इंडिया में नरगिस ने कर्ज में डूबे एक किसान की विधवा 'राधा' का किरदार निभाया था. आज भी फिल्म स्कूल्स में उस किरदार को पढ़ाया जाता है, उसकी मिसाल दी जाती है.
राज कपूर और नरगिस
अभिनेता राज कपूर और नरगिस (Nargis) ने 'आवारा', 'श्री 420' और 'बरसात' जैसी करीब 16 फिल्मों में साथ काम किया और उनकी जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया. राज कपूर पहली ही नजर में नरगिस (Nargis) को दिल दे बैठे थे और अभिनेत्री भी उन्हें चाहने लगी थीं. कहते हैं कि जब आर के स्टूडियो के पास पैसों की कमी हुई तो नरगिस ने अपने सोने के कड़े तक बेच डाले थे. लेकिन राज कपूर शादी शुदा थे, न वो नर्गिस से शादी कर सकते थे और न ही अपने पिता से बगावत. इन सब के बीच नर्गिस ने राजकपूर से अलग होने का फैसला किया. आइये आपको बताते हैं नरगिस और राज कपूर की प्रेम कहानी के बीच कैसे हुई सुनील दत्त की एंट्री. कैसे मदर इंडिया फिल्म के सेट पर हुए हादसे ने दोनों की नजदीकियां बढ़ाईं...
सुनील दत्त से मुलाकात
बात उन दिनों की है जब नरगिस इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस थीं और सुनील दत्त (Sunil Dutt) सीलोन रेडियो में बतौर रेडियो जॉकी काम किया करते थे. यहीं पहली बार सुनील और नरगिस की मुलाकात हुई थी, जब नरगिस एक इंटरव्यू के लिए आई थीं. कहते हैं कि सुनील दत्त ने इंटरव्यू शुरू तो कर दिया, लेकिन टॉर एक्ट्रेस नरगिस को देख वो इतने नर्वस हो गए थे कि कुछ पूछ ही नहीं पाए. इसके बाद दोनों की दूसरी मुलाकात हुई फिल्म 'दो बीघा जमीन' के सेट पर. नरगिस (Nargis) वहां बिमल रॉय से मिलने आई थीं और सुनील दत्त (Sunil Dutt) काम की तलाश में पहुंचे थे. सुनील को देखते ही नरगिस ने उन्हें पहचान लिया. नरगिस को सुनील से पहली मुलाकात का वाकया याद आ गया और वो उन्हें देख कर मुस्कुराईं और फिर अपने काम के लिए आगे बढ़ गईं. इसके बाद महबूब खान की फिल्म 'मदर इंडिया' में सुनील दत्त (Sunil Dutt) को नरगिस के बेटे का रोल मिला. इस फिल्म के सेट से ही दोनों की प्रेम कहानी शुरू हुई.
सुनील दत्त के प्यार ने जीता दिल
‘मदर इंडिया’ के सेट पर एक सीन को शूट करते हुए नरगिस सचमुच आग से बुरी तरह घिर गई थीं, आग बेकाबू हो गई थी और नरगिस आग के बीच फंस चुकी थीं, किसी की हिम्मत नहीं हुई कि वो नरगिस को बचाने के लिए आग में कूदे. तब सुनील दत्त नरगिस को बचाने के लिए आग में कूद पड़े, बिना अपनी जान की परवाह किए. उन्होंने नरगिस को बचा लिया, लेकिन ऐसा करते हुए वो खुद भी जल गए थे. सुनील की इस बहादुरी ने नरगिस का दिल जीत लिया.
जलने के बाद अस्पताल में भर्ती सुनील दत्त से मिलने नर्गिस हर रोज जाती थीं. आहिस्ता आहिस्ता दोनों के प्रेम की कहानी आगे बढ़ी और आखिरकार मार्च 1958 में नरगिस और सुनील ने शादी कर ली. हालांकि, दोनों ने अपनी शादी का औपचारिक ऐलान एक साल बाद यानी 1959 में किया, और तभी शादी का रिसेप्शन भी दिया.