साल 2013 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर दंगों (muzaffarnagar riots) से संबंधित 77 आपराधिक मामलों (UP government withdraws 77 cases) को योगी सरकार ने वापस ले लिया है. मंगलवार को सांसदों और विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों का जल्द निपटारा किए जाने का आग्रह करने से संबंधित मामले में नियुक्त किए गए वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया ने सुप्रीम कोर्ट को ये जानकारी दी. हालांकि यूपी सरकार ने इसकी कोई वजह नहीं बताई है.
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इन केसों में कई तो ऐसे भी है कि, जिनमें उम्रकैद की सजा हो सकती है. विजय हंसारिया ने अपनी रिपोर्ट में ये भी बताया कि, दंगे के संबंध में मेरठ जोन के पांच जिलों में 6,869 आरोपियों के खिलाफ 510 मामले दर्ज किये गये हैं. इसी में से 77 मामले राज्य सरकार ने सीआरपीसी की धारा 321 के तहत वापस ले लिये हैं.
दूसरी तरफ कर्नाटक सरकार ने भी बिना कोई कारण बताए 62 मामलों को वापस ले लिया है. तमिलनाडु ने चार मामलों को वापस ले लिया है. तेलंगाना ने 14 मामलों को वापस ले लिया है और केरल ने 36 मामलों को वापस ले लिया है.