NATIONAL MONETISATION PIPELINE: नेशनल मोनाइजेशन पाइपलाइन के तहत सरकारी संपत्तियों के मौद्रीकरण के फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) से जुड़े भारतीय मजदूर संघ (Bhartiya Mazdoor Sangh) ने ही मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. RSS से जुड़े संगठनों ने इस प्रोग्राम के अलावा, महंगाई और तालिबान (Inflation and Taliban) के साथ नई दिल्ली की औपचारिक मुलाकात को लेकर इस संघ ने नाराजगी जाहिर की है. केंद्र सरकार के कदमों से असंतुष्ट और नाखुश भारतीय मजदूर संघ ने 9 सितंबर को महंगाई के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है.
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बीएमएस के महासचिव बिनय कुमार सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 70 PSU के मोनेटाइजेशन का जो फैसला लिया है वह मजदूर संघ को नीतिगत रूप से मंजूर नहीं है. उन्होंने कहा कि धन जुटाने के लिए सरकारी संस्थानों का मोनेटाइजेशन करना 'गहना बेच कर घर चलाने' जैसा है. सरकार जमीनी हकीकत को समझे बगैर ऐसे फैसले ले रही है, जिसे भारतीय मजदूर संघ कतई स्वीकार नहीं करेगा.