मद्रास हाईकोर्ट (Madras HC) ने केंद्र सरकार से जनसंख्या (populatio) के आधार पर राज्यों को संसद में सीटों को लेकर भेदभाव पर सवाल किया है. कोर्ट ने पूछा है कि जनसंख्या नियंत्रित नहीं कर सकने वाले राज्यों को संसद में अधिक सीटें क्यों मिली हुई हैं.
कोर्ट ने कहा कि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिणी राज्यों ने सफलतापूर्वक जनसंख्या को नियंत्रित किया है, तो उनके पास यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे ज्यादा जनसंख्या वाले राज्यों की तुलना में संसद में सीटों की संख्या कम क्यों है.
हाल ही पारित हुए इस आदेश में कोर्ट ने ये भी कहा है कि तमिलनाडु को पिछले 14 चुनावों के लिए मुआवजा मिलना चाहिए. अदालत के अनुमान के मुताबिक यह राशि करीब 5,600 करोड़ रुपये हो सकती है.