मध्य प्रदेश में कोरोना के कारण हुई मौतों का चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है. जन्म-मृत्यु का हिसाब रखने वाले सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मार्च महीने के दौरान राज्य में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और स्थिति ये है कि इस बार मई में 6 महीने के बराबर मौतें दर्ज की गई हैं. सरकारी डेटा के मुताबिक इस साल मई में मौतों का आंकड़ा पिछले सालों के मुकाबले 4 गुना ज्यादा है. जो डेटा सामने आया है उसके मुताबिक-
- पूरे प्रदेश में सिर्फ मई के महीने में 1.7 लाख मौतें हुई
- इस साल मई में हुई मौतों का आंकड़ा पिछले सालों के मुकाबले 4 गुना ज्यादा
- इस साल जनवरी से मई के बीच पिछले साल की तुलना में 1.9 लाख ज्यादा मौतें
- इंदौर में अप्रैल-मई 2021 में 19 हजार लोगों की जान गई, ये प्रदेश में सबसे ज्यादा
- भोपाल में इस साल अप्रैल-मई में सामान्य औसत से 2000% ज्यादा मौतें
- अप्रैल-मई 2018-19 में भोपाल में 528 मौतें हुई जबकि इस साल 11045 मौतें
- जनवरी से मई 2021 के बीच कोविड के कारण सिर्फ 4461 मौतें हुईं: राज्य सरकार
- दावा- अप्रैल-मई 2021 में कोविड से हुई मौतों के सरकारी आंकड़े से 40 गुना अधिक मौतें
- छिंदवाड़ा और नीमच जैसे दूसरे जिलों में भी बढ़ी मृतकों की संख्या
इस डेटा पर नजर डालें तो यहां भी ऐसा प्रतीत होता है कि मध्य प्रदेश सरकार ने भी दूसरे कई राज्यों की तरह कोरोना के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा छिपाया है. सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर इस लिए भी संदेह करने की गुंजाईश काफी काम रह जाती है क्योंकि ये देशभर में जन्म और मृत्यु का हिसाब रखता है और इसके तहत भारत में हुई 86% और मध्य प्रदेश में हुई 80% मौतों का रिकॉर्ड मेंटेन किया जाता है. तो यानी अब सवाल प्रदेश सरकार से है और इन्तजार इस बात का है कि कब जनता के सामने सही तथ्यों को रखा जाएगा.