भारी बारिश की वजह से पूरे मध्य प्रदेश (Flood Situation in Madhya Pradesh) में बाढ़ जैसे हालात हैं, लेकिन ग्वालियर चंबल संभाग में हालात ज्यादा खराब हो गए हैं. यहां पार्वती, कूनो, सिंध समेत कई नदियां उफान पर हैं. इसकी वजह से सिंध नदीं पर मड़ीखेड़ा डैम भरने पर सभी 10 गेट खोल दिए गए, 8 गेट सोमवार रात को खोले गए तो मंगलवार रात को 2 गेट खोल दिए गए, जिसके बाद से शिवपुरी ग्वालियर, भिंड, दतिया जिले में कई गांव पानी में डूब गए. लोगों को बचाने के लिए SDRF,NDRF और एयरफोर्स के बाद अब सेना को भी बुला लिया गया है. बाढ़ इतना भयंकर रूप ले चुकी है, कि दतिया के रतनगढ़ माता मंदिर जाने वाला पुल और लांच पिछोर को जोड़ने वाला पुल टूटकर बह गया.दरअसल शिवपुरी, श्योपुर, भिंड और ग्वालियर में 1171 गांव बाढ़ में घिरे हुए हैं.
यहां रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए वायुसेना की मदद ली जा रही थी, लेकिन खराब मौसम ने बचाव के काम में बाधा पैदा की. बाढ़ का पानी आगरा-मुंबई-नेशनल हाईवे पर लबालब पानी भर गया है. जिसकी वजह से हाईवे बंद हो गया है.जानकारी के मुताबिक ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी और श्योपुर के लिए मंगलवार को सेना की एक एक टुकड़ी रवाना कर दी गई है. सेना की ये टुकड़ियां झांसी और बबीना से भेजी गई हैं, हर टुकड़ी में 80 जवान शामिल हैं.
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