भारत की पहली स्वदेशी कारबाइन बनकर तैयार है. जल्द ही भारतीय सेना में इसे शामिल किया जाएगा. DRDO और ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड द्वारा तैयार की गई ज्वाइंट वेंचर प्रोटेक्शन कारबाइन थलसेना के सभी कड़े मानकों पर खरी उतरी है. ये कारबाइन एक मिनट में 700 राउंड फायर करती है और काउंटर-टेरेरिज्म के लिए खास तौर से तैयार की गई है. कानपुर में बनकर तैयार हुई ये देशी कारबाइन बेहद ही विश्वसनीय साबित हुई है और सटीकता के ट्रायल में सभी मानदंडों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. इसके लिए बुलेट्स का निर्माण पुणे के निकट किरकी में एम्युनेशन फैक्ट्री में किया जा रहा है.