Jammu-Kashmir के राजनीतिक दल PDP की मुखिया महबूबा मुफ़्ती (Mehbooba Mufti) ने परिसीमन आयोग (Delimitation Commission) की बैठक में शामिल होने से इनकार किया है. महबूबा की तरफ से जो पत्र सार्वजानिक किया गया है उसमें उन्होंने लिखा है कि लोगों के दर्द को कम करने के लिए कोई आधारभूत काम नहीं हुआ, राजनीतिक गतिविधि के लिए कोई विश्वसनीय कदम नहीं उठाए गए लिहाजा PDP परिसीमन आयोग की बैठक से खुद को अलग कर रही है.
इस पत्र में आगे लिखा गया है कि 5 अगस्त 2019 को संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचल दिया गया और जम्मू-कश्मीर के लोगों से उनके अधिकार छीन लिए गए. ये प्रक्रिया अभी भी जारी है. देश भर में परिसीमन प्रक्रिया को 2026 तक रोक दिया गया है लेकिन जम्मू-कश्मीर में इसे शुरू किया जा रहा है.