Jammu Kashmir News: हिंसा की वजह से मजबूर होकर कश्मीर घाटी छोड़ने वाले विस्थापित कश्मीरियों को उनकी पुश्तैनी जायदाद अब वापस मिल सकेगी. दरअसल 90 के शुरुआती दशक में हजारों कश्मीरियों ने अपना घर छोड़ा था, इनमें से ज्यादातर कश्मीरी पंडित थे. ये लोग अपनी जमीन- जायदाद छोड़कर राज्य से चले गए थे. लेकिन अब जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक शिकायत पोर्टल तैयार किया है, जिसके जरिए देश विदेश में कहीं भी रहने वाले विस्थापित कश्मीरी अपनी जायदाद के कब्जे या उन्हें कम दामों में खरीदे जाने की शिकायत दर्ज करा सकेंगे. इन शिकायतों की जांच के बाद एक तय सीमा में सरकार शिकायतकर्ता की जायदाद वापस कराएगी.
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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट कहती है कि इस सर्विस के शनिवार को लॉन्च होने के 24 घंटे के भीतर ही इसके जरिए 15 शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं.
सरकार की ओर से रिलीफ ऑफिस के आंकड़ों की मानें तो राज्य में 90 के दशक में 44,167 रजिस्टर्ड कश्मीरी विस्थापित परिवार थे जिनमें से 39,782 परिवार हिंदुओं के थे