वैक्सीन (Vaccine) के मोर्चे पर भारत के लिए एक और शानदार खबर है. अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson and Johnson) की सिंगल डोज़ वैक्सीन को भारत में (Single dose approved) अप्रूवल मिल गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एक ट्वीट कर इस की घोषणा की.वैक्सीन प्रोडक्शन को लेकर कंपनी की रणनीति के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन कंपनी ने ये जरूर साफ किया है कि उसकी ग्लोबल सप्लाई में बायोलॉजिकल ई की भूमिका होगी.जॉनसन एंड जॉनसन की ये वैक्सीन एक नॉन रेप्लीकेटिंग वायरल वेक्टर वैक्सीन है. इसका मतलब कि शरीर के भीतर का जेनेटिक मैटीरियल शरीर के भीतर अपनी कॉपी नहीं बनाएगा.
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ये इसलिए जरूरी है क्योंकि जब वायरस शरीर में प्रवेश करता है तो वो अपनी कॉपीज बनाना शुरू करता है जिससे इंफेक्शन फैलता है. इस वैक्सीन को 2-8 डिग्री तापमान के बीच स्टोर कर सकते हैं. कंपनी ने अपनी एप्लिकेशन में फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल के डेटा का हवाला दिया है. इसके मुताबिक सिंगल डोज़ वाली वैक्सीन बीमारी को 85 फीसदी तक रोकने मे कामयाब पाई गई. भारत ने अभी तक एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन, डॉ रेडीज़ की स्पूतनिक वी को इजाजत दे दी है, वहीं सिप्ला को भी मॉर्डना की वैक्सीन इंपोर्ट करने की अनुमति दे दी गई है.