अवैध संपत्ति और राजद्रोह जैसी धाराओं में आरोप झेल रहे छत्तीसगढ़ (Chattisgrah) के निलंबित आईपीएस गुरजिंदर पाल (Gurjinder Pal Singh) को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली, कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से राहत तो दी लेकिन साथ अहम टिप्पणी भी की, इस दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि '' यह देखा जा रहा है कि कुछ पुलिस अधिकारी सत्ता धारी दल के लिए काम करते हैं, उन्हें खुश करने के लिए शक्ति का गलत इस्तेमाल करते हैं. विपक्षी नेताओं को परेशान किया जाता है, लेकिन जब सत्ता परिवर्तन होता है तो नई सरकार ऐसे अधिकारियों को निशाने पर लेती है. दरअसल छत्तीसगढ़ में बीजेपी की रमन सिंह सरकार के चहेते पुलिस अधिकारियो में से एक दिने जाने वाले गुरजिंदर पाल सिंह पर राज्य में सरकार बदलने के बाद कई मामले दर्ज किए गए. उनके ठिकानों में मारे गए छापे के दौरान कंप्यूटर से मिली सामग्री के आधार पर उन पर सरकार के खिलाफ साजिश करने का आरोप भी लगा. 5 जुलाई को निलंबित किए जाने के बाद से ही एडीजी रैंक के सीनियर आईपीएस अंडरग्राउंड हैं और अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा जताते हुए उन्होंने सु्प्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.
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