देश में उच्च शिक्षा संस्थानों यानि यूनिवर्सिटीज का हाल ऐसा है कि दुनिया की 200 टॉप यूनिवर्सिटीज़ (200 Top Universities) की लिस्ट में लगातार पांचवें साल भी इंडियन यूनिवर्सिटीज़ की हालत में कोई सुधार नजर नहीं आता. साल 2017 के बाद से IIT बॉन्बे, IIT दिल्ली और IISc बैंगलोर के अलावा कोई दूसरा संस्थान इस लिस्ट में जगह नहीं बना पाया है. बुधवार को जारी हुई QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2021 में ये बात सामने निकल कर आई है. अगर बात टॉप 1000 यूनिवर्सिटीज़ की करें तो उसमें हम साल दर साल एक पायदान पीछे ही जा रहे हैं. साल 2019 में भारत की 24 यूनिवर्सिटीज़ इस लिस्ट में थीं, तो
जबकि मौजूदा साल की लिस्ट में अब महज 22 इंडियन यूनिवर्सिटीज़ ही टॉप 1000 में रह गई हैं. हालांकि इस बीच चार नई यूनिवर्सिटीज़ ने इस लिस्ट में जगह भी बनाई है, जिनमें JNU भी शामिल है. लेकिन BHU और AMU इस लिस्ट से बाहर हो गए हैं. IIT बॉम्बे चौथे साल भी भारत का सर्वश्रेष्ठ उच्च शिक्षण संस्थान बना हुआ है, इसकी वर्ल्ड रैंकिंग है 177, हालांकि ये पिछले साल के मुकाबले पांच पायदान फिसल गया है.
इसके बाद IIT दिल्ली का नंबर आता है, जिसे 185 वीं रैंक हासिल हुई है तो वहीं IISc बैंगलोर को 186वीं रैंक मिली है. हालांकि IISc रिसर्च के मामले में दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज में शामिल है. QS ने बताया है कि भारतीय यूनिवर्सिटीज ने एकेडिमिक रेप्यूटेशन मेट्रिक के आधार पर अपना परफॉर्मेंस ठीक किया है, लेकिन Teaching कैपिसिटी मेट्रिक के लिहाज से अभी भी ये खासे पीछे हैं, यही वजह है कि इनकी रैंकिंग में सुधार नहीं हो रहा.
वहीं दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी लगातार 10वें साल MIT बनी है, दूसरे नंबर पर ऑक्सफ़र्ड है जबकि तीसरे नंबर पर स्टैनफ़र्ड और केम्ब्रिज हैं. ग्लोबल टॉप 20 यूनिवर्सिटी में एशिया से सिंगापुर की नेशनल यूनिवर्सिटी और
हैं जबकि चीन की पेकिंग और शिनहुआ यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं.