होम आइसोलेशन: ICMR की गाइडलाइन्स

Updated : May 20, 2021 21:51
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Editorji News Desk

देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. कुछ लोगों में कोरोना (Coronavirus) के गंभीर तो कुछ लोगो में हल्के सिम्पटम्स नज़र आते हैं. इसके अलावा कुछ पेशेंट्स ऐसे भी होते हैं जिनमें लक्षणों का पता ही नहीं चलता और वो एसिम्‍पोमेटिक होते हैं.

कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही लोग घबराकर हॉस्पिटल का रुख कर रहे हैं. लेकिन कोरोना के माइल्ड सिम्पटम्स या एसिम्‍पोमेटिक होने पर आप होम आइसोलेशन में रहकर भी इसका इलाज कर सकते हैं.

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड (Covid-19) के माइल्ड और एसिम्‍पोमेटिक मरीजों के होम आइसोलेशन (Home Isolation) से संबंधित नए दिशा निर्देश जारी किए हैं. इसमें मरीज और तीमारदार दोनों के लिए जरूरी निर्देश दिए गए हैं . 

क्या हैं कोविड -19 के संभावित लक्षण?

ICMR के मुताबिक अगर आपको बुखार, खांसी, सिरदर्द, गले में खराश, सांस फूलना, शरीर में दर्द, पेट खराब और सूंघने और स्वाद की क्षमता में कमी जैसे शुरूआती लक्षण अपने अंदर नज़र आते हैं तो मान लें कि आप कोविड की गिरफ्त में आ गए हैं और अपना टेस्ट करवाएं.

कोविड के लक्षण दिखने पर क्या करें?

1. ICMR के मुताबिक अगर आपको कोविड के शुरआती लक्षण नज़र आ रहे हैं तो रिपोर्ट्स का इंतज़ार किये बिना सबसे पहले खुद को घर के बाकी सदस्यों से अलग कर लें. खुद को आइसोलेट करने के लिए ऐसा कमरा चुने जिसमें प्रॉपर वेंटिलेशन और अटैच बाथरूम हो. ताकि आपसे ये इन्फेक्शन परिवार के किसी दूसरे सदस्य को ना फैले.

2. अपने बर्तन, कपडे, मोबाइल अलग कर लें और किसी के साथ शेयर ना करें.

3. हाथों को बार बार साबुन या हैंडवाश से धोते रहें. 

4. परिवार के सभी सदस्यों के लिए ज़रूरी है कि वो मास्क पहनें.

5. हर चार घंटे में अपना बॉडी टेम्प्रेचर और ऑक्सीजन सेचुरेशन चेक करते रहें. 

6. ऑक्सीजन सेचुरेशन 93 % या उस से कम आने पर या सांस फूलने और चक्कर जैसा महसूस होने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

7. होम आइसोलेशन (Home Isolation) के दौरान जितना ज़रूरी अपने सिम्पटम्स पर नज़र रखना है उतनी ही ज़रूरी है आपकी डाइट. डाइट में थोड़ा सा बदलाव कोरोना वायरस से लड़ने में आपके लिए मददगार साबित हो सकता है.

8. ICMR के मुताबिक इस दौरान खुद को हाइड्रेटेड रखें. ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिएं. इसके अलावा सूप, जूस और नारियल पानी भी अपनी डाइट में शामिल करें. नारियल पानी की तासीर ठंडी होती है अगर आपको खांसी है तो ज़्यादातर डॉक्टर्स नारियल पानी ना पीने की सलाह देते हैं. इसलिए अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर ले लें. 

9. ऑक्सीजन सेचुरेशन को सही रखने के लिए प्रोन पोजीशन यानी पेट के बल लेटें और लंबी गहरी सांसें लें. रोज़ाना कम से कम तीस मिनट तक प्रोनिंग एक्सरसाइज करें.

10. अगर आपको फीवर है तो पैरासिटामॉल खाएं. पैरासिटामॉल की हर दो डोज़ के बीच में 6 घंटे का अंतर होना चाहिए. अगर खांसी हो रही है तो कफ सिरप लें. 

11. अपनी डाइट में विटामिन सी, जिंक और मल्टीविटामिन शामिल करें आप सप्लीमेंट के रूप में भी इन्हें ले सकते हैं.

12. दिन में तीन बार भाप लें या गरम पानी से गरारे करें.

होम आइसोलेशन के दौरान आपको कई चीज़ों का ध्यान और कई सावधानियां रखने की ज़रूरत होती है.

1. ICMR के अनुसार घर पर उपचार करते समय बिना डॉक्टर की सलाह के रेमडेसिविर का इस्तेमाल ना करें.

2. चिकित्सक की सलाह के बिना ऑक्सीजन सिलिंडर का इस्तेमाल ना करें.

3. अगर आप को कोरोना नहीं हुआ है लेकिन आप घर के किसी सदस्य जो कि कोरोना पॉजिटिव हैं, उनकी देखभाल कर रहे हैं तब भी आपको कई चीज़ों का ध्यान रखने की ज़रूरत है ताकि ये संक्रमण आप तक ना पहुंचे.

4. मरीज के पास जाने से पहले सर्जिकल ग्लव्स पहनें.

5. डबल मास्क पहनें.

6. मरीज के इस्तेमाल किए गए मास्क और दूसरी चीजों को डिसइंफेक्ट कर के फेंकें. इसके लिए आप ऑर्डिनरी ब्लीच या फिर सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्युशन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

7. ग्लव्स उतारने के बाद हाथ जरूर धोएं

8. मरीज के पास कमरे में जाएं तो खिड़की दरवाजे खोल दें

होम क्वारंटीन से कब निकलें?

वायरस आपकी बॉडी में नौ दिनों तक एक्टिव रहता है और इस दौरान आप उसे दूसरों को फैला सकते हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि जिस दिन आपको पहली बार कोरोना के लक्षण दिखे, उसके कम से कम 10 दिनों बाद आप स्वस्थ हो जाएंगे, बशर्ते पिछले तीन दिनों में आपको बुखार ना आया हो यानी, अगर लक्षण दिखने के सातवें दिन से 10वें दिन तक बुखार नहीं आए तो समझ लीजिए कि आप वायरस से मुक्त हो चुके हैं.

हालांकि, आपको फिर भी अगले सात दिनों तक सबसे अलग ही रहना चाहिए. अगर आप में लक्षण नहीं भी दिख रहे हों तो पॉजिटिव पाए जाने के कम-से-कम दो हफ्ते बाद ही किसी से मिलें-जुलें.

कोरोना महामारी के इस दौर में घबराने की ज़रूरत नहीं है, ज़रूरत है तो ध्यान देने की. कोरोना के मामलों में ज़्यादातर मौतें देरी की वजह से हो रही हैं.  इसलिए अपने पहले लक्षण पर ध्यान दीजिये और डॉ को कंसल्ट करने और इलाज करवाने में देरी मत कीजिये.

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