मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली पुरानी और सस्ती दवा हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन (hydroxychloroquine) का इस्तेमाल कोरोना से पीड़ित मरीजों के इलाज में भी किया जा रहा है. लेकिन, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के इलाज में इसको नहीं इस्तेमाल करने की अब सलाह दी है. मंगलवार को WHO के एक्सपर्ट पैनल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि- WHO के एक्सपर्ट पैनल ने मंगलवार को जारी बयान में कहा है कि एंटी मलेरिया ड्रग hydroxychloroquine कोरोना के इलाज में असरदार नहीं है, इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना से हो रही मौतें नहीं रुक रहीं बल्कि इस दवा से प्रतिकूल असर का खतरा बढ़ सकता है. WHO के मुताबिक, 6 हजार से ज्यादा लोगों पर 6 तरह के ट्रायल के नतीजे आने के बाद ये निष्कर्ष निकाला गया है. WHO ने कहा है कि इस निष्कर्ष के बाद हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन को अब रिसर्च में प्राथमिकता नहीं दी जाएगी. गौरतलब है कि कोरोना महामारी से पीड़ित इलाज के लिए इस दवाई का खूब इस्तेमाल किया गया. इसी को देखते हुए सबसे ज्यादा भारत में ही बनाई जाने वाली इस दवा को अमेरिका ने बड़ी मात्रा में आयात किया था.