महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना (Diego Maradona) की मौत हुई थी या फिर हत्या. इसको लेकर अब सवाल उठ रहे हैं. माराडोना के निजी चिकित्सक लियोपोल्डो ल्यूक, मनोचिकित्सक अगस्टिना कोसाचोव और कई नर्सों पर उनकी हत्या का आरोप लगा है. दोषी ठहराए जाने पर इन सबको आठ से 25 साल के कारावास का सामना करना पड़ सकता है. फिलहाल इनके देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है.
बता दें कि 60 साल के माराडोना का पिछले साल नवंबर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. वो उस समय ब्रेन सर्जरी से उबर रहे थे. उनकी मृत्यु को लेकर कई तरह की चर्चाएं चली थीं. इसलिए उनकी मृत्यु के कारणों की जांच के लिए एक विशेषज्ञों की समिति बनाई गई थी. अब ये जांच समिति इस नतीजे पर पहुंची है कि माराडोना की देखभाल ‘अपर्याप्त, खामियों से भरपूर और लापरवाहियों से भरी’ थी. उन्हें मरने के लिए भाग्य के भरोसे छोड़ दिया गया था.