गोवा (Goa) के एक बीच पर दो नाबालिग लड़कियों (minors) के साथ गैंगरेप ( rape case) मामले पर विवादित बयान (CM's statement) देकर सीएम प्रमोद सावंत (Pramod sawant) चौतरफा घिर गए हैं. दरअसल, सावंत ने कहा था कि माता-पिता को यह आत्ममंथन करने की जरूरत है कि उनके बच्चे रात में इतनी देर तक समुद्र तट पर क्यों थे. अपने बच्चों की सुरक्षा (security) सुनिश्चित करना माता-पिता की जिम्मेदारी है.
पीड़ित लड़कियों पर ही दोष डालने जैसा मुख्यमंत्री सावंत के इस बयान की विपक्ष के साथ साथ सोशल मीडिया पर भी तीखी आलोचना हो रही है. गोवा फॉरवर्ड पार्टी के विधायक विजय सरदेसाई ने कहा कि मुख्यमंत्री का इस तरह से बयान देना शर्मनाक है. अगर वो सुरक्षा नहीं दे सकते तो सीएम पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है. कांग्रेस की गोवा इकाई के प्रवक्ता ने कहा कि गोवा जो इतना सुरक्षित रहा है, अब यहां कि कानून व्यवस्था की हालत बिगड़ती जा रही है. तो निर्दलीय विधायक रोहन खोंटे ने ट्वीट कर कहा कि गोवा महिलाओं के लिए हमेशा से बेहद सुरक्षित रहा है, लेकिन बीजेपी की सरकार आने के बाद से गोवा की ये खासियत खत्म हो रही है.
बता दें कि रविवार को गोवा के बेनॉलिम बीच पर चार लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों लड़कियों से कथित तौर पर रेप किया. फिलहाल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, इनमें से एक सरकारी कर्मचारी है.