भारत में सीरम इंस्टीट्यूट की कोरोना वैक्सीन Covishield के दो डोज के गैप को सरकार ने बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते कर दिया है, ऐसा वैक्सीनेशन पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह की सिफारिश के बाद किया गया है. हालांकि हैरानी की बात ये है कि इस फैसले के अगले ही दिन ब्रिटिश सरकार ने कोविड वैरिएंट B.1.617 के बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए अपने यहां वैक्सीन के दो डोज़ के बीच का गैप 12 हफ्तों से घटाकर 8 हफ्ता कर दिया. भारतीय वैक्सीन सलाहकार ग्रुप ने दो डोज़ के बीच गैप बढ़ाने के लिए UK के अनुभवों का ही हवाला दिया था. ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल भी उठ रहा है कि क्या वैक्सीन की किल्लत की वजह से गैप को तो नहीं बढ़ाया गया?
हालांकि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानि ICMR ने सरकार के फैसले को सही ठहराया है. ICMR के डायरेक्टर डॉ. बलराम भार्गव के मुताबिक-
- Covaxin के मुकाबले Covishield की पहली डोज से ज्यादा एंटीबॉडी बनती हैं
- यानि Covishield की पहली खुराक बहुत ज्यादा पावरफुल होती है
- यही वजह है कि Covishield वैक्सीन की दो डोज के बीच गैप को बढ़ाकर 12-16 हफ्ते किया गया है
- वहीं, Covaxin की दो डोज के बीच गैप पहले की ही तरह 4 से 6 हफ्तों का रहेगा
ये तो हुई ICMR की बात. वैक्सीन के दो डोज के गैप को लेकर दुनिया के टॉप एक्सपर्ट की राय क्या है? आइए वो भी जानते हैं ...
- टॉप अमेरिकी मेडिकल एक्सपर्ट डॉ फाउची ने कहा है - भारत बहुत बड़ा देश है, सिर्फ कुछ प्रतिशत लोगों को ही यहां वैक्सीन की दोनों डोज़ लगी है और करीब 10% लोगों को सिंगल डोज़. जब आपके पास पर्याप्त वैक्सीन ना हो तब पहले और दूसरे डोज़ के बीच गैप को बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को कम से कम एक डोज़ लगाना तार्किक है.
- लैंसेट की स्टडी के मुताबिक Covishield वैक्सीन की एफिशिएंसी 6 हफ्तों के गैप की बजाए 3 महीने के गैप में ज्यादा होती है. स्टडी के मुताबिक जब दो डोज के बीच 6 हफ्तों का गैप रखा गया तो कोविशिल्ड वैक्सीन की एफिशिएंसी 55.1% थी, जबकि 12 हफ्तों के गैप पर 81.3%.
- ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंड्रीव पोलार्ड के मुताबिक- वैक्सीन की सप्लाई लिमिटेड होनी है, कम से कम अभी. इसीलिए आधे लोगों को दोनों डोज़ लगाने से अच्छा है कि पूरे लोगों को एक ही डोज़ लगाई जाए.
- वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की चीफ साइंटिस्ट डॉ सौम्या स्वामीनाथन के मुताबिक कुछ वैक्सीन से संबंधित आंकड़े ये बताते हैं कि दूसरी डोज को 12 हफ्तों के गैप के बाद लेने से ज्यादा अच्छी इम्यूनिटी मिलती है.