भारत में हर 100 से एक बच्चा ऑटिज्म की समस्या से जूझ रहा है. ऑटिज्म को मेडिकल भाषा में न्यूरोडेवलपमेंट डिसऑर्डर भी कहा जाता है. न्यूरोडेवलपमेंट डिसऑर्डर जब ऑटिज्म बन जाता है तो उसे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर कहा जाता है. ऑटिज्म के इलाज के लिए थेरेपी और ओरल मेडिकेशन के अलावा जो चीज़ें सबसे ज़्यादा महत्त्वपूर्ण हैं वो है आस पास के लोगों का व्यवहार और ऑटिस्टिक बच्चे की डाइट. हम आपको बताएंगे ऐसे फ़ूड आइटम्स के बारे में जो इस परेशानी को बढ़ा सकते हैं.
शुगर
शुगर वाले फ़ूड आइटम्स ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाते हैं जो बच्चे के ऊपर नेगेटिव असर डालते हैं. ऑटिज्म वाले बच्चों को कम शुगर वाले फ़ूड आइटम्स ही खिलाने चाहिए.
ग्लूटेन और डेयरी प्रोडक्ट्स
ऑटिस्टिक बच्चे ग्लूटेन और डेयरी प्रोडक्ट्स को ठीक से पचा नहीं पाते हैं. ऑटिज्म के शिकार बच्चों का माइक्रोबायोम ठीक नहीं होता है जिसकी वजह से पाचन तंत्र ठीक नहीं रहता है इसलिए ग्लूटेन युक्त फ़ूड आइटम्स जैसे गेहूं, जौ और राई जैसे फ़ूड आइटम्स बच्चों को ना दें. इसके अलावा ऑटिस्टिक बच्चों को दूध और डेयरी प्रोडक्ट भी जितना हो सके कम दें.