सोमवार 1 फरवरी को सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करेंगी. एक अंतरिम बजट समेत यह मोदी सरकार का नौवां बजट होगा और सीतारमण का तीसरा. कोरोना के प्रकोप से बाहर निकल रहे देश के लिए ये बजट बेहद अहम है.
महामारी से पार पाने के लिए वैक्सीन तो लगनी शुरू हो गई है, लेकिन आर्थिक संकट से पार पाने के लिए देश को अब 'इकोनॉमिक वैक्सीन' की जरूरत है. जनवरी की शुरुआत में निर्मला सीतारमण ने कहा था कि इस साल का बजट ऐसा होगा जैसा पहले कभी नहीं देखा गया.
उम्मीद है कि इस साल बजट में कोरोना से पीड़ित आम आदमी को राहत दी जा सकती है, उसके हाथ में अधिक पैसा दे कर. माना जा रहा है कि इस बजट का फोकस नई नौकरियां पैदा करने पर हो सकता है, आम टैक्सपेयर्स के हाथों में अधिक पैसा डाला जा सकता है, ग्रामीण विकास पर अधिक खर्च और विकास योजनाओं के लिए ज्यादा आवंटन का एलान भी हो सकता है.
यही नहीं स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और रक्षा पर ज्यादा खर्च के जरिए आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने पर भी वित्त मंत्री का फोकस हो सकता है. तो वहीं नाराज किसानों को भी बजट में तोहफा मिल सकता है, कृषि क्षेत्र में समग्र विकास के रूप में. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये बजट ऐसा हो जो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में भारत को फिर से खड़ा करे और देश की इकॉनमी को दशा और दिशा दे.