स्टैन स्वामी (Stan Swamy) की मौत से उठे बवाल के बाद NIA जैसी एजेंसी के साथ साथ केंद्र सरकार पर निशाना साधा जा रहा है. ऐसे में सरकार ने अब सामने आकर बयान दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि फादर स्टैन स्वामी की गिरफ्तारी कानून की प्रक्रिया के तहत NIA द्वारा की गई थी. उनके ऊपर लगे आरोपों को देखते हुए उनकी बेल अर्जी को खारिज कर दिया गया था. भारत में अथॉरिटी कानून के उल्लंघन के खिलाफ हैं ना कि अधिकारों के इस्तेमाल के, सब कुछ कानून के मुताबिक हुआ है
-फादर स्टैन स्वामी की खराब सेहत को देखते हुए, बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती होने की इजाजत दी थी. 28 मई से ही उन्हें मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही थी उनकी सेहत पर कोर्ट लगातार नजर बनाए हुआ था
-भारत का लोकतांत्रिक और संवैधानिक राजनीतिक सिस्टम एक स्वतंत्र न्यायपालिका, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मानवाधिकार आयोगों की सहायता से काम करता है जो मानवाधिकार उल्ंलघन को लगातार मॉनिटर करते हैं. फ्री मीडिया और सिविल सोसाइटीज़ की मौजूदगी में भारत मानवाधिकारों को लेकर प्रतिबद्ध है