टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन-आईडिया पर कर्ज का बोझ इतना ज्यादा बढ़ गया है कि सरकार अगर उसे बेल आउट पैकेज भी दे तो नहीं बचा सकती. बल्कि ये सरकार के लिए ही घाटे का सौदा साबित हो सकता है. ऐसा बाजार के एक्सपर्ट्स का कहना है. वोडाफोन-आईडिया बीते कई क्वार्टर से घाटे में जा रही है साथ ही कंपनी पर एजीआर से जुड़े कई मामलों का बकाया 53 हजार करोड़ का हो गया है. कुमार मंगलम बिड़ला कह चुके हैं कि सरकार या कोर्ट मदद नहीं करती है तो कंपनी बंद हो जाएगी. वहीं इस मामले पर टिप्पणी करते हुए डॉएचे बैंक के मुताबिक बाजार में बने रहने के लिए वोडाफोन-आईडिया को अपने टैरिफ बढ़ाने, सरकार से मदद लेने और बाजार में अपनी मौजूदगी बनाए रखने होगी लेकिन अगर कंपनी इसमें दो जरूरतें भी पूरी कर ले तो भी कंपनी पर मंडरा रहा संकट दूर नहीं हो सकता.