बॉलीवुड का कोहिनूर और ट्रेजेडी किंग कहे जाने वाले दिलीप कुमार (Dilip Kumar) जैसे हर दिल अजीज थे वैसे ही दिलीप साहब के मन में उनके पुश्तैनी घर और बचपन की यादें हमेशा ताजा रहती थीं. 11 दिसंबर 1922 को पाकिस्तान के पेशावर शहर में जन्में दिलीप साहब 1940 में हुए विवाद के बाद अपने पिता के साथ मुंबई आ गए. लेकिन पेशावर में बिताए अपने बचपन और उस घर को वो हमेशा याद करते थे.
इतना ही नहीं अपना पुश्तैनी घर देखने के लिए उन्होंने पाकिस्तान के लोगों से अपील भी की थी. पिछले साल ट्वीट करते हुए दिलीप साब ने कहा था कि कोई उनके घर की तस्वीर भर ही दिखा दे. उनकी इस गुजारिश में घर से दूर होने का दर्द और यादें छिपी थीं.
दिलीप कुमार की गुजारिश पर पाकिस्तान के पत्रकार शिराज हसन ने ट्वीट कर फोटोज शेयर की थी. इन तस्वीरों में हवेली जर्जर स्थिति में है, चारों तरफ टूटी-फूटी चीजें रखी हैं, लेकिन दिलीप कुमार को इन तस्वीरों में अपना पुराना वही घर दिखता है, जहां उन्होंने अपना बचपन बिताया था. इन तस्वीरों पर दिलीप कुमार ने शिराज का शुक्रिया भी अदा किया था.
बता दें कि कुछ दिन पहले ही खबर आई थी कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने दिलीप कुमार और राज कपूर के पेशावर में पैतृक घरों को खरीदने की मंजूरी दी है, जिन्हें म्यूजियम बनाया जाएगा. सरकार ने राज कपूर के घर की कीमत डेढ़ करोड़ और दिलीप कुमार के घर की कीमत 80 लाख तय की है.