कोरोना वायरस के दोबारा से बढ़ते मामलों के बीच वैज्ञानिक मंत्रों के माध्यम से वायरस के प्रभाव को कम करने की दिशा में अध्ययन कर रहे हैं. ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं कि क्या गायत्री मंत्र और प्राणायाम करके कोविड-19 के मामलों को ठीक किया जा सकता है? आउटलुक में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक इस अध्ययन के पीछे का उद्देश्य यह जानना है कि क्या मंत्रों और प्रणायाम का इस प्रकार की गंभीर बीमारी को ठीक करने पर कोई असर होता है?
रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल 20 रोगियों के साथ विशेषज्ञ इस मामले पर अध्ययन कर रहे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि शोध के लिए शामिल किए गए 20 रोगियों को दो समूह में विभाजित किया गया है. पहले समूह के लोग सामान्य उपचार के साथ सुबह और शाम को प्राणायाम के एक घंटे के सत्र के अलावा गायत्री मंत्र का जाप कर रहे हैं. जबकि दूसरे समूह के लोगों को केवल कोविड-19 के लिए सामान्य उपचार दिया जा रहा है. इन दोनों समूहों में आने वाले अंतर को जानने के लिए 14 दिनों तक अध्ययन किया जाएगा. इसके बाद बाद नतीजे की रिपोर्ट प्रकाशित करने के बारे में निर्णय लिया जाएगा.