जैसे जैसे देश अनलॉक की तरफ आगे बढ़ रहा है एक बार फिर एक्टिव केसेज़ की संख्या में इज़ाफ़ा होने लगा है. हमें लगातार सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सेनिटाइज़ेशन को ज़िन्दगी का हिस्सा बना लेने की सलाह दी जा रही है. कोरोना वायरस कब और कैसे हमारे शरीर में प्रवेश कर जाए पता भी नहीं चलता. ऐसे में एक सवाल है जो लगातार हमारे दिमाग में आता है कि क्या कैश से भी कोरोना इंफेक्शन फ़ैल सकता है? तो अच्छी खबर ये है कि कैश से कोरोना फैलने का खतरा बहुत ही कम है. एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है. ये रिसर्च यूरोपियन सेंट्रल बैंक के विशेषज्ञों ने रूहर-यूनिवर्सिटेट बोकम के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल मॉलीक्यूलर वायरोलॉजी के साथ मिलकर की है.
अब सबसे पहले समझते हैं कि ये रिसर्च आखिर किस तरह की गई.
इस रिसर्च को करने के लिए एक मॉडल बनाया गया जिससे ये पता लगाया जा सके कि रियल लाइफ में कैश से स्किन पर कितने वायरस पार्टिकल्स ट्रांसफर हो सकते हैं. इसके लिए एक कंट्रोल्ड एन्वॉयरन्मेंट में नोट, सिक्कों और कार्ड्स को वायरस सॉल्यूशंस के साथ रखा गया और उनकी निगरानी की गई और ये देखा गया कि कोरोना वायरस किस तरह हाथों तक पहुंचता है. इन गीली और पूरी तरह से सूख चुकी सरफेस को आर्टिफिशियल स्किन से टच किया गया उसके बाद सेल कल्चर के जरिए यह देखा गया कि सरफेस से उंगलियों तक कितने वायरस पार्टिकल्स ट्रांसमिट हुए और इनमें कितने इन्फेक्शियस थे.
क्या रहा इसका रिजल्ट?
इस स्टडी से पता चला कि सिक्कों और नोटों में वायरस के ज़िंदा रहने का समय अलग अलग था. स्टडी में सामने आया कि 10 यूरो के नोट पर तीन दिन तक वायरस रहा, 10 सेंट के सिक्के पर 6 दिन, 1 यूरो के सिक्के पर दो दिन और 5 सेंट के सिक्के पर सिर्फ एक घंटे तक ये वायरस रहा. तो पांच सेंट के सिक्के में ऐसा क्या था कि इसमें वायरस एक घंटे बाद ही खत्म हो गया. उसमें भी एक साइंस है. 5 सेंट का सिक्का कॉपर का बना होता है जिस पर वायरस ज्यादा समय तक नहीं टिकता.
इसका हम पर क्या असर पड़ेगा?
इस रिसर्च के दौरान देखा गया कि सूखी सरफेस से वायरस ट्रांसमिशन हुआ ही नहीं और रियल-लाइफ में भी ऐसा ही होता है. हमारे पास मौजूद सिक्के या नोट्स सूखे हुए ही होते हैं. बहुत कम परिस्थितियों में ऐसा होता है कि सिक्के या नोट गीले हों इसलिए ये कहा जा सकता है कि कैश से कोरोना के फैलने का खतरा बहुत ही कम है. अच्छी बात ये है कि ये है कि ये रिसर्च कोरोना के बदलते रूपों पर भी सही बैठती है.