जब से कोविड-19 महामारी की शुरुआत हुई है तब से सिगरेट पीने और वायरस के खतरे से जुड़े कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं. एक तरफ कई ऐसी स्टडीज़ हैं जिनमें ये बताया गया कि स्मोकिंग की आदत वायरस से होने वाली दिक्कतों को ज़्यादा बढ़ा सकती है तो दूसरे तरफ कुछ स्टडीज़ में ये बात सामने आई है कि सिगरेट ना पीने वालों की तुलना में सिगरेट पीने वाले लोगों में कोविड का खतरा कम नज़र आया.
जापान की हिरोशिमा यूनिवर्सिटी में हुई एक रिसर्च में उन दो ड्रग्स का पता लगाने में मदद मिली है जो सिगरेट जैसा धुंआ पैदा कर सकते हैं और ये धुआं कोविड-19 वायरस के किसी सेल में प्रवेश करने की क्षमता को कम कर सकता है.
साइंटिफिक रिपोर्ट्स नाम के जर्नल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार सिगरेट से निकलने वाला धुंआ और ये दोनों ड्रग्स ACE2 प्रोटीन को बनने से रोकते हैं. जिससे SARS-CoV-2 वायरस के किसी सेल में प्रवेश करने की क्षमता पर भी असर पड़ता है.
रिसर्च टीम अब इस ड्रग को एंटी कोविड थेरेपी के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए इसके क्लीनिकल और प्री क्लीनिकल ट्रायल्स करने के लिए आगे बढ़ रही है.