Parliament Monsoon Session: संसद का मॉनसून सत्र खत्म हो जाने के बाद भी सरकार और विपक्ष आमने सामने है. राज्यसभा में बुधवार के हंगामे को लेकर विपक्ष के महिला सांसदों के साथ बदसलूकी और बाहर से सुरक्षाकर्मियों को बुलवाकर सांसदों के साथ अभद्रता के आरोपों को सरकार ने नकार दिया है.
गुरुवार को मोदी सरकार के मंत्रियों ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि विपक्ष के ये आरोप बिल्कुल बेबुनियाद हैं और उसे सदन में हंगामा करने के लिए, सदन की मर्यादा तोड़ने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए.
केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि विपक्ष का एकमात्र एजेंडा सड़कों से लेकर संसद तक अराजकता पैदा करना रहा है. इन्होंने विपक्ष द्वारा कागज फाड़ा जाना और स्पीकर पर फेंकना, सांसदों का टेबल पर पर चढ़ना, नए मंत्रियों को परिचय ना होने देना जैसे मुद्दे उठाकर विपक्ष पर हमला बोला.
आपको बता दें कि 19 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने वाला था लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते इसे बुधवार 11 अगस्त को ही खत्म कर दिया गया.
वहीं विपक्ष का कहना है कि ये मोदी सरकार संसद में विपक्ष को बोलने ही नहीं देती, यह लोकतंत्र की हत्या है. विपक्षी सांसदों ने कहा कि ये सरकार देश के 60 प्रतिशत लोगों की आवाज को कुचल रही है, सांसदों को सदन में अपमानित कर रही है.