केंद्र सरकार ने अमेरिकी संस्था फ्रीडम हाउस की उस रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें भारत को 'आंशिक रूप से स्वतंत्र' बताया गया है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इस रिपोर्ट को भ्रामक, गलत और अनुचित बताया है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हिंदू राष्ट्रवादी सरकार और उसके सहयोगियों की बढ़ती हिंसा और भेदभावपूर्ण नीतियां मुस्लिम आबादी को प्रभावित करती हैं. साथ ही देश में मीडिया, शिक्षाविदों, नागरिक संस्थाओं और प्रदर्शनकारियों के असंतोष की अभिव्यक्ति पर कार्रवाई भी की गई है. इसके जवाब में सरकार ने कहा कि वो अपने सभी नागरिकों के साथ समानता का व्यवहार करती है और कानून व्यवस्था के मामलों में कानून की प्रक्रिया का पालन किया जाता है.